प्रोजेरिया कारक लेमिन-ए-प्रोटीन

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देवेन्द्र कुमार अवस्थी
सरिता चैहान

Abstract

प्रोजेरिया एक ऐसी आनुवाशिक स्थिति है जिसमे मनुष्य का शरीर समय से पहले बूढ़ा हो जाता है। ‘प्रोजेरिया’ शब्द दो ग्रीक शब्दों से बना है। ग्रीक भाषा मे ”प्रो” का अर्थ है पहले और ”पेरोस” का मतलब है बुढ़ापा इस प्रकार प्रोजेरिया का अर्थ हुआ समय से पहले बूढ़ा होना। इस सिंड्रोम के कारण उम्र समय से पहले सात गुनी बढ़ जाती है। मनुष्य मे प्रोजेरिया दो प्रकार से प्रकट होता है। वर्नर सिंड्रोम तथा हचिंसम गिलफोर्ड सिंड्रोम(एच0पी0जी0एस0) वर्नर सिंड्रोम तथा हचिंसन गिलफोर्ड सिंड्रोम को कभी-कभी मिलाकर प्रोजेराईड सिंड्रोम भी कहा जाता है। एच0जी0पी0एस0 में रोगी बूढ़ा तो नजर आता है पर उसे न तो गठिया, जो वास्तव में शरीर के ऊतकों में टूट-फूट से जुड़ा रोग है, और न ही मोतियाबिन्द होता है। लेकिन उसकी खाल और दिल पर उम्र का असर नजर आता है। अतः इन रूपों को अक्सर आंशिक सिग्मेंटल प्रोजेरिया भी कहा जाता है।

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How to Cite
1.
अवस्थीद, चैहानस. प्रोजेरिया कारक लेमिन-ए-प्रोटीन. ANSDN [Internet]. 24Jul.2014 [cited 23Mar.2026];2(01):224-6. Available from: https://www.anushandhan.in/index.php/ANSDHN/article/view/1022
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Review Article