विज्ञान संचार में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की भूमिका
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Abstract
विज्ञान संचार का मतलब है, वह जन संचार जिसमें विज्ञान संबंधित विषयों को आसान और आम भाषा में उन लोगों तक पहुंचाना जो विषय-विशेषज्ञ न हों। वर्तमान समय में ये क्षेत्र एक व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है, जिसमें विज्ञान प्रदर्शनी, पत्रकारिता, दृश्य--श्रव्य कार्यक्रमों का निर्माण, नाटकों का मंचन औदि शामिल है | विज्ञान संचार का उद्देश्य किसी वैज्ञानिक खोज के लिए आधार बनाना, या लोगों में किसी विषय को लेकर दुविधा हो तो उसे दूर करना साथ-साथ योजना बनाने वालों को प्रेरित करना कि वे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोच समझ तथा उसे ध्यान में रखकर सही योजनाओं को बनायें एवं कार्यान्वित करें। आज भारतीय समाज में गैर-वैज्ञानिक बातों को जल्दी बढ़ावा मिल जाता है, इसका प्रमुख कारण हम गैर-वैज्ञानिक सोच में, या बातों में ज्यादा रूचि रखते हैं, जिसे बढ़ाने में हमारे टेलीविजन, समाचार-पत्र बडी भूमिका निभाते हैं। इसलिए आज के समय की ये जरूरत है, कि हम हर बात को तर्कपूर्ण ढंग से समझे, जानें और परखें, फिर विश्वास करें | मूर्ति का दूध पीना या फिर फलों और सब्जियों में कोई विशेष अक्षर दिखाई देना जल्दी से जल्दी लोगों तक पहुंच जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ विज्ञान की बातें लोगों तक पहुंचने में सयम लग जाता है। लोगों को सामान्य सी बात जैसे कि खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी दिनांक की जांच करना नहीं पता रहता है, जिससे वे अपने स्वास्थ्य को खतरे में डालते हैं । इसी प्रकार स्वास्थ्य एक ऐसा पहलू है जो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है फिर चाहे वह सामान्य सा लगने वाला सर्दी जुकाम हो या फिर कोई अन्य बीमारी, जिसके निदान और उपचार हेतु व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के संपर्क में आना होता है।
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1.
नरवडीयास. विज्ञान संचार में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की भूमिका. ANSDN [Internet]. 24Jul.2013 [cited 23Mar.2026];1(01):217-8. Available from: https://www.anushandhan.in/index.php/ANSDHN/article/view/1646
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Review Article