कुशाग्र विलक्षण मेधा - श्रीनिवास आयंगर रामानुजन्
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विलक्षण क॒शाग्र मेधा के धनी महान गणितज्ञ श्रीनिवास आयंगर रामानुजन्(887-2042) की 425 वीं जयन्ती को यादगार बनाने के लिए सन् 202 को राष्ट्रीय गणित वर्ष एवं रामानुजन् की जन्मतिथि 22 दिसम्बर को राष्ट्रीय गणित दिवस घोषित कर प्रधानमंत्री डॉ० मनमोहन सिंह ने राष्ट्र की ओर से मरणोपरान्त रामानुजन् को श्रृद्धांजलि अर्पित की | उन्नीसवीं शताब्दी में गणित विषय पर उनके किये गये शोध को हम निम्न विश्लेषण के द्वारा समझने का प्रयास करेंगे, जिसका प्रमाण उनके द्वारा लिखित पांडुलिपियों में पाया जाता है, जिसका लोहा दुनिया के महान गणितज्ञों प्रो0 हार्डी, प्रो0 गिल्वर्ट एवं प्रो० नेविले आदि ने माना।
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1.
बाजपेयीक, बाजपेयीद. कुशाग्र विलक्षण मेधा - श्रीनिवास आयंगर रामानुजन्. ANSDN [Internet]. 24Jul.2013 [cited 10Jun.2026];1(01):262-4. Available from: https://www.anushandhan.in/index.php/ANSDHN/article/view/1664
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Review Article